विधानसभा में गूंजा गोवंश रक्षा का मुद्दा, विधायक दलीप ठाकुर ने की ठोस कदम उठाने की मांग
सरकाघाट के विधायक दिलीप ठाकुर ने कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार से प्रश्न पूछा कि बेसहारा गौवंश संरक्षण,स्थापित गौ-सदन और आगामी योजनाओं के लिए सरकार द्वारा पिछले 3 वर्ष में क्या कदम उठाए गए। इस सरकार द्वारा बेसहारा गोवंश संरक्षण के लिए कितनी धनराशि आवंटित की गई व इसका उपयोग किस प्रकार से हो रहा है, गौ-सदनों के संचालन व रखरखाव हेतु कितनी वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। टैग लगे होने के बावजूद भी छोड़े गए पशुओं के मालिकों पर क्या कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है, आवारा गोवंश से होने वाले नुकसान की भरपाई हेतू सरकार क्या पग उठा रही है। सरकार के कार्यकाल में अब तक प्रदेश में गौ-तस्करी के कितने मामले पंजीकृत हुए। वर्तमान सरकार के पास अपने कार्यकाल के ठोस आंकड़े नहीं हैं विधायक ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के आंकड़े मांगे लेकिन पिछली भाजपा सरकार के आंकड़ों को ही अपने खाते में जोड़कर संबंधित मंत्री ने उत्तर दिया अगस्त, 2020 से जनवरी 2025 तक आबकारी व कराधान विभाग द्वारा निर्धारित शराब सेस से प्राप्त राशि के अंतर्गत 58,23,42,084/- रुपये की राशि और गौसेवा आयोग द्वारा बजटीय संसाधनों से 40,04,65,523 राशि गौवंश को संरक्षण व आश्रय प्रदान करने के लिए गौसदनों पर व्यय हो चुकी है। गौसदनों में आश्रित गौवंश के लिए मु० 700 रुपए प्रति माह प्रति गौवंश सहायता के रूप में दी जा रही है। गौसदनों को सुदृढ़ एवं विस्तार करने के लिए एक वित्तीय वर्ष में पांच लाख रूपये तक की पूंजीगत सहायता उपलब्ध करवाई जाती है।वर्तमान में प्रदेश में 267 गौशालाओं में 22,119 गौवंश को आश्रय दिया गया है।गौसेवा आयोग के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए सरकार ने मंदिर न्यासों की कुल आय का 15 प्रतिशत व शराब पर एक रूपया पचास पैसे गौवंश सैस प्रति बोतल लगाया है। विधायक दलीप ठाकुर ने कहा कि गोवंश संरक्षण के सरकार के दावे खोखले हैं ठंड के मौसम में गौवंश सड़कों पर ठंड से ठिठुरते हैं, गर्मी के मौसम में गौवंश को मक्खियों की भारी परेशानी झेलनी पड़ती है ।सड़कों पर बेबस घूमते ये बेजुबान आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं और लोगों के लिए भी दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। साथ ही विधायक ने कहा कि पूर्व की जयराम ठाकुर सरकार द्वारा गौ-संरक्षण के लिए किए गए महत्वपूर्ण कार्यों का श्रेय अब वर्तमान सरकार खुद को देने में लगी है!












