एनएच कंपनी की मनमानी और बेघर परिवारों का मुद्दा विधानसभा में गूंजेगा, 20 मार्च को धर्मपुर किसान सभा उठाएगी आवाज
हिमाचल किसान सभा धर्मपुर 20 मार्च को ज़मीन से गैर कानूनी बेदख़ली की मुहिम रोकने के लिए विधानसभा शिमला पर होने वाले प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए जोरों से तैयारी चल रही है।सभा के खंड अध्यक्ष रणताज़ राणा, अधिवक्ता अनिल कटवाल, रंगीला राम, हरिनन्द, दुर्गादास सकलानी,महावीर, इंद्र सिंह, राजेन्द्र सिंह, बाला खान,एसपी बरवाल,पूर्ण चन्द पराशर, अमृत लाल, मॉन सिंह, दिनेश काकू, बंसी लाल ,सुरेश कुमार इत्यादि ने बताया कि इस मुद्दे पर पूर्व ज़िला पार्षद भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में अलग अलग क्षेत्रों में प्रभावितों की बैठकें की जा रही हैं और शिमला में होने वाले प्रदर्शन के लिए सैंकड़ों किसान व प्रभावित भाग लेंगे। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इस प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को मांगपत्र सौंपा जाएगा और सरकार से वो सारी सरकारी भूमि सबंधित किसानों के नाम करने के लिए नीति बनाने की मांग की जायेगी।कियूंकि इसके बारे में पिछले पचास साल में अलग अलग पार्टी की सरकारों ने लोगों को ठगा है लेक़िन ज़मीन उनके नाम नहीं नियमित नहीं कि गयी। वर्ष 1980 में बने वन सरंक्षण क़ानून के बाद स्थिति और जटिल हो गई है जिसके कारण सारी जमीन अब केंद्र सरकार के अधीन हो गई है और राज्य सरकार किसी को ज़मीन नहीं दे सकती है।इसलिए किसान सभा वन सरंक्षण क़ानून में संशोधन करने की मांग भी उठा रही है ताकि भूमिहनों, ग़रीब व मझौले किसानों को ज़मीन मिल सके।इसके अलावा सरकारी भूमि पर बने मकानों को न तोड़ने और उनपर की जा रही तालाबंदी को रोकने के लिए सरकार कोर्ट में हलफनामा दायर करके नीति बनने तक इस पर तुरन्त रोक लगाए।कियूंकि इनमें से बहुत से लोग ऐसे हैं जिनके पास बहुत कम या ज़मीन है ही नहीं।दो साल पहले आयी आपदा में क्षतिग्रस्त मकानों व भूमि के बारे में मांग है कि प्रभावितों को जमीन के बदले ज़मीन और मकान के बदले मकान दिया जाये और तनियार ग्राम पंचायत के हियुन-बल्ह के एक दर्जन अनुसूचित जाति के बेघर परिवारों को तुरन्त बसाया जाये और कलस्वाई गांव के परिवारों को बेदखल करने से रोका जाए। भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग के निर्माण कार्य में कंपनी की मनमर्ज़ी पर रोक लगाई जाए जो हर कहीं डम्पिंग कर रही है और ग़लत तरीके से की जा रही कटिंग से बहुत से लोगों के घरों, गौशालाओं और भूमि का कटाव हो रहा है। सौ डेढ़ सौ मीटर ऊंचाई से कटिंग की जा रही है, लेकिन रिटेनिंग दीवारें केवल छः मीटर तक ही लगाई जा रही है। पाड़छु से आगे टौरी नाले की ओर अनियंत्रित ब्लास्टिंग से दर्ज़नो घरों को नुक़सान हुआ है जिसका मुआवज़ा दिया जाना चाहिए। केंद्रीय विद्यालय धर्मपुर के साथ अनुसूचित जाति के ग़रीब परिवारों की बेदख़ली बारे जारी नोटिस को रद्द करने की भी मांग शिमला में सरकार के समक्ष उठायी जायेगी।यही नहीं हिमाचल किसान सभा भूमि अधिग्रहण कानून2013 के अनुसार चार गुणा अधिक मुआवज़ा देने की भी मांग सरकार से कर रही है।












