पूर्व सुकेत रियासत काल का खस्ताहाल धूणा घर बना नशेड़ियों का अड्डा
सुंदरनगर शहरी क्षेत्र का देहरी स्थित धार्मिक एवं ऐतिहासिक क्षेत्र खासकर मुगल शैली में निर्मित नैसर्गिक सौंदर्य की मिसाल दैवी शक्ति स्थल श्री सुमित्रा महामाया मंदिर जिसके ऊंचे खुले परिसर में स्थापित किया गया है। धूणा घर जो वर्तमान समय में टूटी- फूटी हालत में दरारों की गिरफ्त में है और जिसका एक बड़ा भाग नशेड़ियों -शराब का सेवन करने वालों का अड्डा बनकर रह गया है।
प्रशासन द्वारा राज्य स्तरीय मेलों यानी चैत्र नवरात्रि में आयोजित किए जाने वाले देवता मेलों का समापन कार्य इसी स्थल से आरंभ होता तो जरूर है। नशामुक्ति की बड़ी-बड़ी बातें की जा रही हैं, मगर सुंदरनगर के विभिन्न स्थानों के एक बड़े भाग की तरह इस राजाओं के समय के स्थल में भी खाली शराब की बोतलें और प्लास्टिक आदि का कूड़ा-कर्कट बिखरा पड़ा देखा जा सकता है, जो दिनों दिन इस पुराने आस्था के केंद्र को बदसूरत बनाता जा रहा है।
बता दें कि इस राजपरिवार की भूमि से आनंद धाम वृद्धाश्रम भी सटा है ऐसे में जरूरी ही नहीं बल्कि समय की भी मांग है कि धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थली का मान सम्मान करते हुए इसकी सामूहिक तौर पर स्वच्छता बरकरार रखते हुए संवारने की बड़े पैमाने पर कार्य करते हुए खाने पीने वालों पर शिकंजा कसा जाए, वहीं देखभाल के कड़े इंतजाम किए जाने की सख्त जरूरत है। बुद्धिजीवी लोगों ने सानुरोध प्रार्थना करते हुए कहा कि यह तपस्वियों की भूमि है जहां पूर्व सुकेत रियासत के कठोर जीवन यापन करने वाले लोगों (प्रजा) ने कड़े संघर्षों से गुजरते हुए उक्त पावन स्थान को स्थापित करने के लिए अपना खून पसीना एक किया है यानी भूखे प्यासे भी काम किया है और राजपरिवार तथा प्रशासन को चाहिए कि कुर्बानियों का ख्याल कर सही मायने में संरक्षण को लेकर इस विशाल यादगार को संवारने-सुधारने के लिए कारगर कदम उठाए।












