सामाजिक संगठनों को चिट्टे के खिलाफ शुरू करना होगा जन अभियान
डॉक्टर जोगिंदर सिंह ठाकुर ने प्रैस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि मौजूदा हालत में हिमाचल प्रदेश में चिट्टा एक भयंकर जानलेवा नशे के रूप में विशेष कर युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रहा है। चिट्टे के सेवन करने वाले रोज कहीं ना कहीं पकड़े जा रहे हैं, लेकिन इसके सरगना सप्लायर पुलिस की पकड़ में नहीं आ रहें हैं। जिससे चिट्ठे की सप्लाई में ब्रेक नहीं लग रहा है। इसे रोकना ही चुनौती है। इसके लिए आम जनमानस को आगे आना ही होगा। हालांकि बहुत से गांव में लोग जागरुक हो गए हैं मगर अभी 90 प्रतिशत जनता को जगाना बाकी है। इसके लिए सामाजिक संगठनों को आगे आना होगा। सहारा एनजीओ तन मन धन से चिट्टे के खिलाफ है। हम चिट्ठे सप्लायर्स को जनता के सहयोग से बेनकाब करेंगे और युवाओं के जीवन को बचाएंगे। सहारा एनजीओ के डायरेक्टर राजेंद्र चौहान ने कहा कि चिट्ठा माफिया के खिलाफ समाज में जागरूकता लाने के लिए हमारे प्रयास निरंतर जारी है। इसे एक जन अभियान का रूप दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि चिट्टे के खिलाफ पंचायत स्तर पर बैठकों का आयोजन करके इस खतरनाक नशे के खिलाफ समाज में जम कर प्रचार करते हुए वातावरण बनाया जाएगा, ताकि समाज का हर वर्ग चिट्ठे जैसे जानलेवा नशे के खिलाफ अपनी आवाज को बुलंद कर सके और युवाओं के जीवन को बचाया जा सके।












