हिमाचल के राकेश पराशर का कमाल, सिंगापुर में जल प्रबंधन की लेंगे विशेष ट्रेनिंग
जल शक्ति विभाग के शिमला स्थित मुख्यालय में अधीक्षण अभियंता कम नोडल ऑफिसर राकेश पराशर देश के 24 इंजीनियरों में शामिल प्रदेश के इकलौते इंजीनियर हैं, जो सिंगापुर में शहरों में जल प्रबंधन के गुर सीखेंगे। राकेश पराशर भारत सरकार के हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स डिपार्टमेन्ट और सिंगापुर कार्पोरेशन इंटरप्राइसेस की ओर से एक अप्रैल से पांच अप्रैल 2025 तक शहरी जल प्रबंधन पर आयोजित होने वाले स्टडी टूर और एक्सपोजर विजिट में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में दोनों देशों के विशेषज्ञ शहरी क्षेत्रों में पेयजल के लिए किए जा रहे प्रबंधों पर नॉलेज शेयर करेंगे। जल और प्रदूषित जल का प्रबंधन भी इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के केंद्र में होगा।
विभाग के होनहार इंजीनियर
ग्रामीण परिवेश और सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार से संबंध रखने वाले राकेश पराशर की गिनती विभाग के होनहार इंजीनियरों में होती है। प्रदेश के जल शक्ति विभाग की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को रिकॉर्ड समय में पूरा करने के कई रिकॉर्ड उनके नाम हैं।
राशन ने अपने गृह क्षेत्र धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में पूर्व भाजपा सरकार के दौरान अधिशासी अभियंता के रूप में काम किया था बाद उन्हें धर्मपुर में ही खोले गए एसई कार्यालय में पहला सुपरिटेंडेंट इंजीनियर तैनात किया गया था।
होनहार स्टूडेंट के तौर पर होती थी गिनती
सैनिक स्कूल के लिए चयन के बाद एनआईटी हमीरपुर के लिए उनका चयन इस बात की गवाही देता है कि राकेश पराशर एक प्रतिभावान स्टूडेंट रहे हैं। मेकेनिक इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज चंडीगढ़ से एम टेक की है।सैनिक स्कूल सुजानपुर के हीरे
मंडी जिला के सरकाघाट के टीहरा क्षेत्र के कोट गांव से संबंध रखते राकेश पराशर सैनिक स्कूल सुजानपुर के स्टूडेंट रहे हैं। उनके पिता भूतपूर्व सैनिक हैं, जबकि बड़े भाई भी भारतीय सेना में हैं। उनके पिता चाहते थे कि बेटा भारतीय सेना में अफसर बने, पाराशर की धर्मपत्नी मुक्त ठाकुर इस समय शिमला सचिवालय में जिला प्लानिंग अधिकारी के तौर पर सेवाएं दे रही है। हालांकि राकेश पराशर ने जल शक्ति विभाग में जॉइन करने से पहले अपने करियर के शुरुआती दिनों में यूपीएससी के तहत मध्य प्रदेश में रक्षा मंत्रालय के अधीन आयुधनिर्माण में कार्य किया है।












