स्कूल बंद करने के फैसले पर सियासत गरमाई, भाजपा विधायक ने विधानसभा में कांग्रेस सरकार को घेरा
सरकाघाट के विधायक दलीप ठाकुर ने कांग्रेस सरकार द्वारा स्कूलों को बंद करने को लेकर विधानसभा में जोरशोर से मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र में कितने विद्यालय बंद किए गए, इन विद्यालयों में कितने विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे थे, और अब उन विद्यार्थियों का दाखिला कहां कराया गया है।इन विद्यालयों के रिक्त भवनों की वर्तमान स्थिति क्या है? क्या इनका उचित रखरखाव किया जा रहा है और यदि हां, तो कौन इसकी जिम्मेदारी संभाल रहा है? सरकार क्या इन भवनों को स्थानीय महिला मंडलों या युवक मंडलों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराने की योजना बना रही है? यदि ऐसा है, तो यह प्रक्रिया कब तक पूरी होने की संभावना है। शिक्षा मंत्री ने उत्तर दिया कि सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र की 20 राजकीय प्राथमिक पाठशाला व एक राजकीय माध्यमिक पाठशाला को बंद किया गया तथा 47 विद्यार्थियों को दूसरी पाठशालाओं में दाखिला दिया गया है।इन विद्यालयों के रिक्त भवन शिक्षा विभाग के पास ही हैं। विधायक दलीप ठाकुर ने कहा कि स्वर्गीय वीरभद्र सिंह जी बोलते थे एक बच्चे के लिए भी स्कूल खोलना पड़े तो मैं खोलूंगा। लेकिन मुख्यमंत्री सुक्खू उसके विपरीत काम कर रहे हैं। विधायक ने सरकाघाट की गैहरा पंचायत के राजकीय प्राथमिक पाठशाला कास-जनीहण का भी जिक्र किया इस स्कूल को बंद किया गया है और इस स्कूल के बच्चों को लगभग 4 किलोमीटर दूर जंगल के रास्ते गैहरा स्कूल भेजा गया है।यह बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा दोनों के लिए चिंता का विषय है।












