एच पी शिवा परियोजना के तहत धमच्यान क्लस्टर में पौधारोपण अभियान शुभारंभ
प्रदेश सरकार की एच. पी. शिवा परियोजना राज्य के किसानों के लिए बागवानी क्षेत्र में वरदान साबित हो रही है। इस परियोजना के तहत आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर किसानों की आय को बढ़ाने और बागवानी के विकास को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस परियोजना के तहत विकासखंड द्रंग में चयनित क्लस्टर धमच्याण में आज बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान की शुरुआत की गई। इस महत्वपूर्ण अवसर पर संयुक्त निदेशक डॉ. बी.एस. बैन्स ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में भाग लिया। उनके साथ जिला मंडी के उपनिदेशक डॉ. संजय गुप्ता, उद्यान विकास अधिकारी डॉ. कविता शर्मा, उद्यान प्रसार अधिकारी पूजा लोहिया, फैसिलिटेटर अभिषेक, फील्ड ऑपरेटर मोहित, पंचायत सदस्य शुभकरण, पूर्व पंचायत प्रधान मंगल सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं स्थानीय बागवान उपस्थित रहे। इस अवसर जिला मंडी उपनिदेशक डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि धमच्याण में लगभग 10 हेक्टेयर भूमि पर जापानी फल के पौधे लगाए जा रहे हैं।
यह योजना अगले वर्ष तक 25 हेक्टेयर भूमि तक विस्तारित की जाएगी। इस परियोजना का उद्देश्य स्थानीय किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और बागवानी क्षेत्र का विस्तार करना है। इसमें किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, सिंचाई प्रणालियों, उच्च गुणवत्ता वाले पौधों और नई किस्मों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही, बागवानी को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाने के लिए विशेष उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने किसानों से इस परियोजना का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है। वे किसानों को वैज्ञानिक और टिकाऊ खेती की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं ताकि वे बेहतर उपज प्राप्त कर सकें और अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर सकें। इस पौधरोपण अभियान में स्थानीय महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और प्रत्येक महिला ने एक-एक पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। महिलाओं की इस सक्रिय भागीदारी से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि स्थानीय समुदाय की सहभागिता भी सुनिश्चित होगी। संयुक्त निदेशक डॉ. बी.एस. बैन्स ने इस अवसर पर कहा कि एच पी शिवा परियोजना के तहत यह पहल क्षेत्र के बागवानी विकास में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने स्थानीय किसानों से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने और वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने की अपील की। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने इस अभियान को सफल बनाने की शपथ ली और आने वाले वर्षों में क्षेत्र में बागवानी के सतत विकास के लिए प्रतिबद्धता जताई।












