सिरमौर में योजनाबद्ध निर्माण से होगा ग्राम एवं शहर का सही विकास -एलआर वर्मा
उन्होंने कहा कि मकान के अन्दर पार्किंग होने से सड़कों पर गाड़ियों का आवागमन सुचारू ढंग से बनाये रखना तथा गाड़ी को नुकसान व चोरी से बचाया जा सकता है। नगर एवं ग्राम योजनाकार द्वारा भूमि कटाव 3.50 मीटर से अधिक न हो व भूमि कटान को सही तरीके से करने पर भी बल दिया।
उन्होंने बताया कि नाहन शहर का नया जीआईएस आधारित विकास योजना केंद्र सरकार की अमृत 2.0 उप योजना के तहत आउटसोर्सिंग के माध्यम से बनाया जा रहा है, जिसका कार्य जल्द ही शुरू होगा । नये विकास योजना के लिए नाहन की प्रबुद्ध जनता एवं सभी विभागों से सुझाव आमंत्रित करने के लिए बैठक का आयोजन समय समय पर किया जायेगा ।
नगर एवं ग्राम योजनाकार करमचंद नांटा द्वारा नाहन योजना क्षेत्र एवं टीसीपी की आवश्यकता एवं महत्व के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई। उन्होंने नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम 1977 के अधीन राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित विभिन्न नीतियों एवं नियमों के बारे में भी जानकारी दी। उनके द्वारा सोलर प्रावधान के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गयी।
इसके उपरांत, सानिका पठानिया, सहायक नगर योजनाकार द्वारा हिमाचल प्रदेश टीसीपी विनिमय 1, 7 व 8 के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अलावा सेक्शन - 16 सी हिमाचल प्रदेश टी०सी०पी० अधिनियम 1977 के बारे में भी नगर पंचायत के प्रतिनिधियों को विस्तृत जानकारी प्रदान की गई, जिसमें प्लॉट सब- डिविजन की भी उपयोगिता व इसके न करवाने के दुष्परिणामों के बारे में भी बताया गया।
बैठक में नगर परिषद अध्यक्षा श्यामा पुंडीर, राजेन्द्र सिंह वरिष्ठ प्रारूपकार, राजीव चौहान कनिष्ठ अभियंता व सूरज तोमर कनिष्ठ अभियन्ता, जिला के सभी निजि प्रारूपकारों सहित मण्डलीय नगर योजना कार्यालय नाहन के सभी कर्मचारी मौजूद रहे।












