35 साल बाद जोगिंद्रनगर में नेशनल हाईवे डिवीजन बंद, पठानकोट-मंडी हाईवे एनएचआई के सुपुर्द, डिवीजन हमीरपुर स्थानांतरित
जोगिंद्रनगर सोमवार को प्रदेश सरकार के निर्णय के बाद जोगिंद्रनगर में 1989 से स्थापित नेशनल हाईवे डिवीजन को बंद कर दिया गया है। इसके स्थानांतरण के बाद अब इसका मुख्यालय हमीरपुर में होगा। सोमवार को पत्रकार वार्ता में नेशनल हाईवे के अधीक्षण अभियंता विश्वजीत शर्मा और अधिशासी अभियंता दीपक सुरीली ने इस निर्णय की पुष्टि की।
उन्होंने बताया कि पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे को अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधीन कर दिया गया है, जिससे जोगिंद्रनगर डिवीजन के पास कोई कार्य नहीं बचा था। इसी कारण इसे सरकार द्वारा हमीरपुर स्थानांतरित कर दिया गया है।
नगरोटा बगवां-रानीताल सड़क के लिए 408 करोड़ की डीपीआर भेजी
अधिशासी अभियंता दीपक सुरीली ने बताया कि नगरोटा बगवां से रानीताल के बीच नगरोटा से मस्सल (0 से 5 किमी) और 18 से 39 किमी तक सड़क को डबल लेन करने के लिए 88.86 करोड़ और 319.43 करोड़ रुपये की डीपीआर मंजूरी के लिए भेजी गई है। जैसे ही मंजूरी मिलेगी, इन योजनाओं पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
पठानकोट से कुल्लू की दूरी होगी 60 किमी कम
अधीक्षण अभियंता विश्वजीत शर्मा ने जानकारी दी कि जोगिंद्रनगर-भूभू-जोत-कुल्लू सड़क मार्ग के निर्माण के लिए एलाइनमेंट का मसौदा केंद्रीय भूतल मंत्रालय को भेजा गया है। इस सड़क के बनने से पठानकोट से कुल्लू की दूरी 60 किमी तक कम हो जाएगी, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा घोषित प्रदेश के 69 राष्ट्रीय राजमार्गों में से जोगिंद्रनगर नेशनल हाईवे डिवीजन के तहत आने वाले कई हाईवे के एलाइनमेंट केंद्र को भेजे गए हैं।
जोगिंद्रनगर में कर्मियों का आभार व्यक्त किया
डिवीजन स्थानांतरण से पहले आयोजित बैठक में अधिशासी अभियंता दीपक सुरीली ने अधीक्षण अभियंता भवन निर्माण जोगिंद्रनगर राजीव शर्मा और नेशनल हाईवे के अधीक्षण अभियंता विश्वजीत शर्मा का स्वागत किया। उन्होंने जोगिंद्रनगर में कार्यरत स्टाफ का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने अब तक इस डिवीजन के कार्यों को सफलतापूर्वक संभाला।












