महिषासुर मर्दिनी माता कामाक्षा और नाग पुंडरीक रोहांडा मंदिर में हुई विराजमान
महिषासुर मर्दिनी माता कामाक्षा काओ करसोग ने अपने सुंदरनगर के दौरे के दौरान शुक्रवार को रोहांडा से प्रस्थान कर लिया है। इस दौरान माता कामाक्षा के प्रधान और मूल माहूंनाग के प्रधान रमेश कुमार वर्मा मौजूद रहे। बीते रोज करसोग के काओ से शुरू हुई माता कामाक्षा और नाग पुंडरीक की यात्रा शुक्रवार को दूसरे दिन जारी रही और रात्रि विश्राम घीड़ी में किया जाएगा। वहीं माता भगवती कामाक्षा ने नाग पुंडरीक सहित रोहांडा स्थित शिव मंदिर के प्रांगण में विराजमान होकर भक्तों को आशीर्वाद दिया। गौरतलब है कि सुकेत रियासत की करसोग नगरी के काओ स्थित माता भगवती कामाक्षा का भव्य मंदिर मौजूद हैं। इस बार 12 वर्ष के पश्चात सुकेत की देवी मां कामाक्षा राज्यस्तरीय सुकेत देवता मेला-2025 में शामिल होने जा रही है। 2 अप्रैल से सुंदरनगर के जवाहर पार्क में देव कुंभ सजने जा रहा है। माता कामाक्षा ने इस बार देव समागम में शामिल होने की इच्छा जताई थी और भगवती के आदेशानुसार कमेटी और देवलुओं ने सुंदरनगर के लिए लाव लश्कर सहित प्रस्थान कर दिया है। माता कामाक्षा के रथ के साथ सैकड़ों देवलु सुकेत के लिए निकले है। काओ से सुंदरनगर तक माता कामाक्षा भक्तों का आतिथ्य स्वीकार कर रही हैं और उन्हें आशीर्वाद देते हुए आगे बढ़ रही हैं।
महिषासुर मर्दिनी के नाम से विख्यात है माता भगवती कामाक्षा
मान्यतानुसार सतयुग में जब दानव महिषासुर का आतंक फैला हुआ था। महिषासुर ने ब्रह्माजी से वरदान लिया था कि सृष्टि में पैदा हुए किसी भी देवता, मानव, दानव, पशु-पक्षी और जानवर उसका वध नहीं कर सकता है। इस पर महिषासुर के भय से ब्रह्मा, विष्णु, शिव और इंद्र देवता भयभीत हो गए। महिषासुर के डर से सभी देवता हिमालय की पहाड़ियों में आकर विचार विमर्श करने लगे कि कैसे इस दानव से छुटकारा पाया जाए। उस दौरान सभी देवताओं के मन में आक्रोश पैदा हुआ और उससे एक ज्वाला पैदा हुई। इस ज्वाला ने कन्या का रूप धारण किया और यही कन्या महिषासुर मर्दिनी माता कामाक्षा हुई। इसने ही महिषासुर दानव का वध कर देवताओं की रक्षा की थी।
माता कामाक्षा का होगा भव्य स्वागत- अभिषेक सोनी
सुकेत सर्व देवता समिति के अध्यक्ष डा. अभिषेक सोनी ने कहा कि शुकदेव ऋषि की पावन धरा सुंदरनगर में इस बार सुकेत रियासत की अधिष्ठात्री माता कामाक्षा नाग पुंडरीक सहित पधार रही है। माता के आगमन को लेकर देव समाज में खासा उत्साह देखा जा रहा है। देव रीति के अनुसार माता कामाक्षा का सुंदरनगर पहुंचने पर स्वागत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुकेत सर्व देवता कमेटी माता के आथित्य के पूरी तरह से तैयार है।












