हिमाचल दिव्यांग कल्याण समिति ने सीएम को भेजा समस्याओं का पुलिंदा
हिमाचल दिव्यांग कल्याण समिति की मासिक बैठक समिति के प्रदेशाध्यक्ष हरिदास प्रजापति की अध्यक्षता में सरकाघाट में आयोजित हुई। बैठक में दिव्यांगों की समस्याओं को सुना गया तथा निवारण हेतु उपमंडल अधिकारी सरकाघाट के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया। दिव्यांगों ने अपनी मांगों में न्यूनतम पैंशन 5000 की मांग दोबारा से सरकार को भेजी तथा सरकाघाट में एचआरटीसी बस स्टैंड पर पेट्रोल पंप के समीप जो पास कमरा एचआरटीसी के पास है वहां दिव्यांगों के लिए विशेष रूप से त्यार शौचालय निर्माण करने का आग्रह किया, क्यूंकि उस जगह पर पहले से ही दिव्यांगों के लिए शौचालय प्रस्तावित था। बैठक में प्रदेश महासचिव रमेश चंद भारद्वाज ने प्रस्ताव रखा कि दिव्यांग/विकलांग/पैरालाइज इत्यादि शब्दों का इस्तेमाल केवल संबंधित लोगों के लिए ही हो न कि मौजूदा सरकार, विपक्ष या किसी अन्य संस्था या कार्यशैली के साथ साथ अखबारों में भी न हो। समानता और ठेस लगने की दृष्टि से इन शब्दों के ऊपर किसी और के ऊपर, इनका प्रयोग करने पर पाबंदी जरूरी है। इसके साथ ही यदि कोई भूतपूर्व सैनिक सेवानिवृत्त होने के बाद दिव्यांग होता है तो उसे अन्य भूतपूर्व सैनिकों (जो सेवा या लड़ाई के दौरान दिव्यांग हो जाते है) की तरह दो पैंशन नहीं मिलती, दोनो पेंशन लगवाने तथा दिव्यांगों के यूडीआईडी कार्ड को प्राइवेट तथा बाहरी राज्यों की बसों में मान्यता दिलवाने के लिए भी सरकार को ज्ञापन भेजा गया। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष रोशन लाल, उपाध्यक्ष (सैनिक विंग) कर्मचंद परमार, मेहर सिंह, गंगा राम, ज्योति, राजकुमार राणा इत्यादि गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।












