अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी शिल्पा भारद्वाज का नेरचौक में भव्य स्वागत
भारतीय महिला कबड्डी टीम की कप्तान व हिमाचल की बेटी शिल्पा भारद्वाज का इंग्लैंड से अंतरराष्ट्रीय कबड्डी टूर्नामेंट जीतकर वापस अपने गृह क्षेत्र बल्ह में पहुंचने पर भव्य स्वागत हुआ। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने अपने फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को 57-34 प्वाइंट से हराकर अंतरराष्ट्रीय कबड्डी टूर्नामेंट जीता है तथा अपने देश भारत का नाम विश्व भर में रोशन किया है। शिल्पा की पृष्ठभूमि एक गरीब परिवार से है। उसके पिता जगदीश कुमार अपने गांव में नाई की दुकान करते हैं। जबकि माता चंपा देवी कपड़े सिलाई का काम करती हैं। वहीं शिल्पा का एक भाई संदीप कुमार है जो एम बी ए पास करके जाब कर रहा है। इस मौके पर शिल्पा की मां ने अपनी बेटी की इस सफलता पर खुश होते हुए अत्यंत भावुक होकर कहा कि वह अपने आप को बहुत ही भाग्यशाली और गौरवान्वित महसूस कर रही हैं कि उनके घर पर शिल्पा जैसी बेटी पैदा हुई। शिल्पा ने कबड्डी के खेल में सर्वप्रथम 13 साल की उम्र में सातवीं कक्षा में पहला राष्ट्रीय कबड्डी टूर्नामेंट जीता था। उसके पश्चात शिल्पा ने 14 राष्ट्रीय कबड्डी टूर्नामेंट खेले। वहीं खेलो इंडिया में शिल्पा ने 2 गोल्ड मेडल जीते हैं। इसके साथ ही शिल्पा एम ए की विद्यार्थी भी है। जिसे वह पटेल युनिवर्सिटी मंडी से पूर्ण कर रही है। शिल्पा का यह पहला अंतरराष्ट्रीय कबड्डी टूर्नामेंट था। शिल्पा का भारतीय कबड्डी टीम में बतौर कप्तान अंतरराष्ट्रीय कबड्डी टूर्नामेंट जीतने पर पूरे बल्ह में खुशी की लहर दौड़ गई है। शिल्पा का बल्ह में पहुंचने पर लोगों द्वारा जगह जगह भव्य स्वागत किया गया तथा नेरचौक से उनके घर चक्कर तक खुली जीप में लाकर एक विशाल रैली का आयोजन भी किया गया। इस मौके पर शिल्पा का स्वागत करने के लिए बल्ह के विधायक इंद्र सिंह गांधी सहित अन्य बहुत से गणमान्य लोग भी उनके घर पर उपस्थित रहे। शिल्पा की इस कामयाबी को लेकर विधायक इंद्र सिंह गांधी ने कहा कि उन्हें बल्ह की बेटी पर बहुत गर्व है। जिसने बल्ह का नाम देश व विश्व भर में रोशन किया है। इंद्र सिंह गांधी ने शिल्पा भारद्वाज और उसके परिवार जनों को उनकी इस कामयाबी पर बधाई एवं शुभकामनाएं प्रदान की हैं तथा उनके द्वारा भविष्य में और भी नए आयाम स्थापित करने की कामना की है।