शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू शिक्षण जगत में अनुशासन और गरिमा को मिलेगी मजबूती: दया राम ठाकुर अध्यक्ष
शिक्षा प्रणाली में सुधार और अनुशासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजकीय सी एंड वी अध्यापक संघ, जिला मंडी ने शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू करने के फैसले का स्वागत किया है। यह निर्णय शिक्षकों की व्यावसायिक पहचान को और अधिक सशक्त बनाने के साथ-साथ विद्यालयों में अनुशासन व गरिमा को बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगा। संघ के जिला मंडी अध्यक्ष दयाराम ठाकुर ने इस फैसले को एक सकारात्मक कदम बताया और कहा कि यह न केवल शिक्षकी गरिमा बढ़ाएगा, बल्कि छात्रों के लिए भी अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का एकरूप और मर्यादित पहनावा उनके पेशेवर दृष्टिकोण को दर्शाता है और छात्रों में अनुशासन और आदर्श मूल्यों को विकसित करने में सहायक होगा। उन्होंने बताया कि ड्रेस कोड के तहत महिला शिक्षक को साड़ी या सभ्य सूट तथा पुरुष शिक्षक के लिए फॉर्मल पैंट-शर्ट पोशाक निर्धारित की गई है। इस व्यवस्था से विद्यालयों में सुसंगत और अनुशासित वातावरण बनेगा, जिससे शिक्षकों और छात्रों के बीच एक सम्मानजनक संबंध स्थापित होगा। दया राम ठाकुर ने कहा कि देश के कई अन्य राज्यों में शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड पहले से ही लागू है, और अब हिमाचल प्रदेश में इसे अपनाने से शिक्षा जगत में एक नई दिशा मिलेगी। यह न केवल शिक्षकों की पेशेवर छवि को मजबूत करेगा, बल्कि छात्रों को भी अनुशासित और मर्यादित पहनावे की प्रेरणा देगा। इस निर्णय को लागू करने से पहले शिक्षा सचिव, शिक्षा निदेशक और उप शिक्षा निदेशक के साथ बैठक की गई, जिसमें प्रधानाचार्यों की भी सहमति ली गई। इस अधिसूचना के अनुसार, ड्रेस कोड स्वैच्छिक रूप से लागू किया जाएगा और प्रधानाचार्य एवं शिक्षक अपनी पसंद के अनुसार रंगों का चयन कर सकते हैं, बशर्ते वे शालीनता और सभ्यता की दृष्टि से उपयुक्त हों। दयाराम ठाकुर ने बताया कि हमीरपुर जिला इस अधिसूचना को लागू करने वाला पहला जिला बना है और अन्य जिलों को भी इसे सकारात्मक रूप से अपनाना चाहिए। संघ की समस्त कार्यकारिणी ने इस निर्णय का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे शिक्षा प्रणाली में सकारात्मक बदलाव आएगा।












