छोटी काशी में होली के रंग श्री राज माधव राय के संग
जिलेभर के हर उपमंडल सुंदरनगर, सरकाघाट, पधर, जोगिंद्रनगर आदि में होली का त्यौहार धूमधाम से मनाया गया। ऐतिहासिक नगरी छोटी काशी मंडी में होली के रंग श्री राज माधव राय के संग बड़ी ही सिद्दत से खेले जाते हैं। वीरवार सुबह से ही सेरी मंच पर हजारों की संख्या में युवक युवतियों ने डीजे की धुनों पर होली खेल कर खूब मस्ती की। तत्पश्चात दोपहर बाद श्री माधव राय पालकी में राज मंदिर से निकल कर शहर वासियों के साथ होली खेलने निकले। हाथी घोड़ा पाल की जय कन्हैया लाल की के नारों से सारा शहर गूंज उठा। गौर हो कि मंडी वासी अपने घरों के ऊपर से माधव राय के ऊपर रंग बरसाते हैं। सदियों से यह प्रथा अनवरत चली आ रही है। माधव राय चौहटा से होते हुए समखेतर पहुंचे, वहां की गलियों से होते हुए पलाख्या मोहल्ला, बाबा बालकरूपी और फिर चिंतपूर्णी माता मंदिर से होते हुए बाबा भूतनाथ मंदिर के प्रांगण में पहुंचे, जहां महंत देवानंद सरस्वती ने उनका स्वागत सत्कार परंपरा निर्वहन के लिए प्रभु के विग्रह को होली के रंग लगाए। इसके पश्चात पुन: चौहटा बाजार में लोगों ने प्रभु के साथ होली के रंग बरसाए। एक लय में बजती घंटी घडीयाल इस मनमोहक शोभायात्रा में हजारों भक्त शामिल हुए और उन्होंने प्रभु को राज मंदिर पहुंच कर विश्व की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
होली का बदला स्वरूप
होली के बदलते स्वरूप को लेकर बुद्धिजीवी वर्ग ने चिंता जाहिर की है। मंडी शहर में युवाओं को बिना कपड़ों के मस्ती करते देखा गया तो वहीं दोपहिया वाहनों पर भी बिना कपड़ों के युवाओं ने खूब मस्ती की। कहीं अंडे फोडे गए तो कहीं जाम भी खूब छलके।
सेरी मंच के प्रांगण पर लगे रंगों के ढेर
युवाओं ने सेरी मंच पर होली के रंगों सहित खूब अठखेलियां की। रंगों के लगे ढेर से पता चल रहा था कि सेरी मंच पर व आसपास लगभग 5 क्विंटल रंग से होली खेली गई। होली के बाद जब सफाई कर्मियों ने सेरी मंच के प्रांगण में साफ सफाई की तो पांच.पांच इंच रंग ढेर लगे हुए थे। इसके साथ ही हजारों प्लास्टिक के लिफाफे, फटे हुए कपड़े और कचरा साफ किया गया।












