रामस्वरूप शर्मा की पुण्यतिथि पर जोगिंद्रनगर में रक्तदान शिविर आयोजित, 65 यूनिट रक्त संग्रहित
छोटी काशी मंडी संसदीय क्षेत्र के पूर्व सांसद स्व. रामस्वरूप शर्मा की चौथी पुण्यतिथि के अवसर पर सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर में मंत्रा फाउंडेशन के सौजन्य से एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं और समाजसेवियों ने रक्तदान कर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। शिविर में कुल 65 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, जिसे जरूरतमंद मरीजों के लिए अस्पताल में सुरक्षित रखा जाएगा।
रामायणी जी ने किया शुभारंभ
शिविर का शुभारंभ अन्नपूर्णा मंदिर लदरुही के मठाधीश श्री श्री 1008 राम मोहनदास रामायणी जी ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, "रक्तदान महादान है, यह जीवन बचाने का एक पुण्य कार्य है। स्वर्गीय रामस्वरूप शर्मा समाजसेवा के प्रतीक थे, और यह रक्तदान शिविर उनकी स्मृति को जीवंत रखने का एक सुंदर माध्यम है।
परिवार ने दी श्रद्धांजलि
इस अवसर पर स्वर्गीय रामस्वरूप शर्मा के परिजन भी मौजूद रहे, जिन्होंने दिवंगत नेता की स्मृतियों को साझा किया। उपस्थित परिवारजनों में उनकी धर्मपत्नी चंपा शर्मा, पुत्र शांतिस्वरूप शर्मा, आनंदस्वरूप शर्मा, क्रांतिस्वरूप शर्मा, पुत्र बंधु खुशबू शर्मा तथा अन्य परिजन शेखर शर्मा व जोगिंदर पाल शर्मा शामिल थे। सभी ने रक्तदान शिविर में भाग लेने वालों का उत्साहवर्धन किया और इस आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।
रामस्वरूप जी की सेवा भावना को आगे बढ़ाना हमारा कर्तव्य: धर्मपत्नी चंपा शर्मा
शिविर के दौरान स्वर्गीय रामस्वरूप शर्मा की धर्मपत्नी चंपा शर्मा ने कहा, "रामस्वरूप जी ने अपना पूरा जीवन समाज और जनता की सेवा में समर्पित कर दिया। वे हमेशा जरूरतमंदों की मदद के लिए तत्पर रहते थे। उनकी पुण्यतिथि पर यह रक्तदान शिविर उनके उसी सेवाभाव का प्रतीक है। हमारा कर्तव्य है कि हम उनके दिखाए मार्ग पर चलें और समाज सेवा को अपना लक्ष्य बनाएं। मैं उन सभी लोगों की आभारी हूं जो इस पुनीत कार्य में शामिल हुए और रक्तदान कर जरूरतमंदों की सहायता की।"
सेवा भावना को नई ऊंचाइयों तक ले जाना हमारा संकल्प" खुशबू शर्मा
स्वर्गीय रामस्वरूप शर्मा की पुत्र बंधु खुशबू शर्मा ने इस अवसर पर कहा, " उनका जीवन समाज के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतीक था। इस रक्तदान शिविर में इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखकर हमें गर्व महसूस हो रहा है कि उनकी विचारधारा आज भी लोगों के दिलों में जीवित है।"
उन्होंने आगे कहा, "हमारा परिवार यह संकल्प लेता है कि हम पिताजी की सेवा भावना को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। रक्तदान शिविर जैसे आयोजन न केवल जरूरतमंदों की मदद करते हैं, बल्कि समाज को एकजुट करने का कार्य भी करते हैं। मैं सभी रक्तदाताओं और आयोजकों का दिल से धन्यवाद करती हूं, जिन्होंने इस पुण्य कार्य में योगदान दिया।"
65 यूनिट रक्त एकत्रित, मरीजों को बांटे फल
शिविर में स्थानीय युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रक्तदान करने पहुंचे लोगों में भारी उत्साह देखा गया। शिविर के माध्यम से कुल 65 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, जिसे जरूरतमंद मरीजों के लिए अस्पताल को उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके अलावा, मरीजों को फल वितरित किए गए, ताकि वे स्वास्थ्य लाभ ले सकें और उन्हें इस पुण्य अवसर का आशीर्वाद प्राप्त हो। यह पहल स्वर्गीय रामस्वरूप शर्मा की सेवा भावना को दर्शाती है, जो हमेशा जरूरतमंदों की मदद के लिए तत्पर रहते थे।
रामस्वरूप शर्मा के योगदान को किया याद
कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य व्यक्तियों, राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने स्वर्गीय रामस्वरूप शर्मा के जनहितकारी कार्यों को याद किया और उनके विचारों को आत्मसात करने की बात कही। सभी ने उनके आदर्शों और सिद्धांतों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
श्रद्धांजलि स्वरूप हर वर्ष होगा आयोजन
चंपा शर्मा ने यह भी घोषणा की कि आने वाले वर्षों में भी उनके पति की पुण्यतिथि पर इसी तरह के सामाजिक कार्यों का आयोजन किया जाएगा, ताकि उनकी सेवा भावना को जीवंत रखा जा सके।
इस आयोजन ने जोगिंद्रनगर में समाजसेवा की एक नई प्रेरणा दी, जहां हर व्यक्ति ने यह संदेश दिया कि "रक्तदान केवल जीवन बचाने का कार्य नहीं, बल्कि मानवीय सेवा का सर्वोच्च रूप है।"












