छोटा भंगाल घाटी में अग्निशमन केंद्र की घोषणा अब तक अधूरी पिछले बजट में हुआ था ऐलान, पूर्ण न होने पर लोगों में रोष
प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की ओर से पेश किए गए बजट को छोटाभंगाल व चौहार घाटी के कई लोगों ने खूब सराह वहीं कई लोगों ने नकारा भी है। गत वर्ष पेश किए गए बजट में मुख्यमंत्री ने छोटा भंगाल घाटी में अग्निशमन केंद्र खोलने की जो घोषणा की थी, वह आज दिन तक पूरी नहीं हुई, जिस कारण छोटाभंगाल घाटी के लोगों में प्रदेश सरकार के प्रति गहरा रोष व्याप्त है। वहीं छोटाभंगाल व चौहार घाटी को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने की घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा न तो पिछले बजट में घोषणा की गई थी और न ही इस बजट में की गई है।
छोटाभंगाल घाटी की लोआई पंचायत के प्रधान सुरिंद्र कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सराहनीय बजट पेश किया है। इस बजट में प्रदेश के हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। इस बार के बजट में हिमाचली की आय में 9.6 प्रतिशत की आय वृद्धि दर्शाई गई है। मजदूरों की दिहाड़ी में 25 रूपए की बढ़ौतरी आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा करने पर स्थिति स्पष्ट दिखाई देती है की सचमुच ही मुख्यमंत्री ने हर वर्ग का ध्यान रख कर ही इस बजट को पेश किया है।
सुरेंद्र कुमार, लोआई पंचायत प्रधान।
छोटाभंगाल घाटी की मुल्थान पंचायत के निवासी जोगिंद्र सिंह ने इस बजट की प्रशंसा की है। उनका कहना है कि इस बजट में बेरोजगारों के लिए रोजगार देने की बात कही गई है। साथ ही पशु पालकों के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है।
जोगिंद्र सिंह।
चौहार घाटी की बरोट पंचायत के थुजी गांव के वजिंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए गए इस बजट को पूरी तरह से नकार दिया है। उनका कहना है कि कर्मचारियों को निराशा ही हाथ लगी है। कुल देय 11 प्रतिशत महंगाई भत्ते में से मात्र तीन प्रतिशत मंहगाई भत्ते को बकाया किस्त और 70 से 75 वर्ष की आयु के पेंशन को 15 मई के बाद संशोधन वेतनमान के एरियर का भुगतान चरणबद्ध ढंग से करने की घोषणा करना बेहद निराशाजनक है।
वजिंद्र सिंह।
चौहार घाटी के लक्कड़ बाजार बरोट के निवासी प्रकाश चंद का कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह द्वारा पेश किया गया यह बजट हर वर्ग का ध्यान न रखते हुए बिल्कुल शून्य ही नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि इस बजट में कांग्रेस द्वारा विधान सभा चुनाव के दौरान की गई दस गारंटियों को पूरा करने की दिशा में कोई भी सार्थक कदम नहीं दिख रहा है, वहीं यह बजट युवाओं, महिलाओं, किसानों तथा बागवानी विरोधी बताया है।
प्रकाश चंद।












