जानलेवा मारपीट के आरोपियों को 3 साल का कठोर कारावास, ₹35,500 जुर्माना, जुर्माना नहीं भरा तो बढ़ेगी कैद
जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंडी की अदालत ने एक अहम मामले में आरोपी रामलाल और बलबीर सिंह निवासी दरकोहल डाकघर तहसील बलद्वाड़ा जिला मंडी हिमाचल प्रदेश को मारपीट करने और जानलेवा हमला करने के मामले में दोषी ठहराया गया है। दोषी को विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई गई है। दोनों को 3 वर्ष का कठोर कारावास और 25 हजार रुपए का जुर्माना तथा जुर्माना न देने पर दोनों को 6 महीने का साधारण कारावास का दंड भोगना पड़ेगा। धारा 325 उपधारा 34 के तहत दोनों को 2 वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार रुपए का जुर्माना तथा जुर्माना न देने पर प्रत्येक को 3 महीने का साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा। धारा 341 की उपधारा 34 के तहत दोनों को महीने का साधारण कारावास और 500 रुपए का जुर्माना तथा जुर्माना न देने पर दोनों को एक सप्ताह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। जिला न्यायवादी मंडी विनोद भारद्वाज ने बताया कि 13 नवंबर 2015 को सुबह 9 बजे शिकायतकर्ता चौधरी राम पुत्र कैथ राम के घर मजदूर रेत बुलाई करने आए थे। मजदूरों को राम लाल नामक व्यक्ति ने रोक दिया। इस पर शिकायतकर्ता ने अपने बेटों से पुलिस को सूचित करने के लिए कहा। वह स्वयं घटनास्थल पर गया और रेत को अपने घर ले जाने लगा, जिस पर राम लाल और बलबीर सिंह ने उसे गलत तरीके से रोका और डंडों व पत्थरों से पीटना शुरू कर दिया। शिकायतकर्ता की पत्नी ने उसे आरोपियों के चंगुल से छुड़ाने की कोशिश की, जिस पर आरोपियों ने उसे भी पीटा। आरोपी रामलाल ने डंडे से शिकायतकर्ता की पत्नी के सिर पर वार किया, जिससे खून बहने लगा। शिकायतकर्ता और उसकी पत्नी दोनों को मुंह, नाक और शरीर के अन्य भागों पर चोटें आई। इस घटना की एफआईआर पुलिस थाना सरकाघाट में दर्ज की गई थी।
इस मामले में अभियोजन पक्ष ने अदालत में 19 गवाहों के बयान कलमबंद करवाए थे। इस मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से मामले की पैरवी विनोद भारद्वाज, जिला न्यायवादी मंडी द्वारा की गई। अभियोजन एवं बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत द्वारा आरोपी रामलाल और बलबीर सिंह का अपराध, संदेह की छाया से परे सिद्ध पाया गया और दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत सजा सुनाई है।












