249 ग्राम चिट्टा रखने पर 10 साल की सजा, 1 लाख जुर्माना
विशेष न्यायाधीश मंडी की अदालत ने बड़ी मात्रा में चिट्टा रखने के आरोप में दोषी को 10 साल का कठोर कारावास और एक लाख रुपए जुर्माना लगाया है। जानकारी के अनुसार अदालत ने बिलासपुर के धौंन कोठी निवासी सुभाष चंद को सजा सुनाते हुए कहा कि जुर्माना न भरने पर उसे 3 साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट टीम ने सुंदरनगर के पुंघ में एक नाके पर वॉल्वो बस (एचआर 68बी2908) की जांच की, जिसमें सीट नंबर 37 पर बैठे यात्री के बैग से 249 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था।
मंडलीय स्तर पर हुआ परीक्षण
इस मामले का प्राथमिक परीक्षण माननीय विशेष न्यायाधीश सुंदरनगर के न्यायालय में चल रहा था, परंतु उच्च न्यायालय हिमाचल प्रदेश शिमला ने अधिसूचना जारी की थी कि नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थ (एन.डी.पी.एस.) के बड़ी मात्रा वाले जितने भी मामले हैं उन सभी का परीक्षण मंडलीय स्तर पर ही होना चाहिए, जिस कारण से यह मामला विशेष न्यायाधीश मंडी-1 को प्राप्त हुआ था और इस मामले का परीक्षण उक्त न्यायालय में किया गया।
दोबारा लिया था हिरासत में
जिला न्यायवादी ने यह भी बताया कि मौके से जो चिट्टा बरामद किया गया था उसका भार 258 ग्राम था तथा बाद जब माल सूची कार्यवाही की गई तो इसका भार 256 ग्राम पाया गया तथा न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (एस.एफ.आई.) में इसका वास्तविक भार 249 ग्राम पाया गया था। जिसके आधार पर विशेष न्यायाधीश सुंदरनगर ने अभियुक्त को जमानत पर रिहा कर दिया था। जब यह मामला विशेष न्यायाधीश मंडी-1 को प्राप्त हुआ था तो उस वक्त दोषारोपण को संशोधित किया गया था। मामले के परीक्षण के दौरान दोषी फरार हो गया था जिसको कि बाद में फिर से हिरासत में लिया गया था। जिला न्यायवादी मंडी ने बताया कि इस मामले में अभियोजन पक्ष ने माननीय न्यायालय के समक्ष 21 गवाह पेश किए।
2500 लोगों को लग सकती थी नशे की लत
इस मामले को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष उच्च न्यायालय द्वारा निर्णित सोनू बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार फैसले का उदाहरण पेश करते हुए न्यायालय से इस मामले में कड़ी सजा की मांग की थी। उन्होंने यह भी बताया कि यह मंडी जिले में चिट्टे (हेरोइन) की बड़ी मात्र का पहला मामला है, जिसमें दोषी से बड़ी मात्रा में चिट्टा बरामद हुआ है। यह मात्र इतनी बड़ी है कि इससे लगभग 2500 लोगों को नशे की लत लगाई जा सकती थी।












