चंडीगढ़ में आयोजित ज्योतिष प्रांगण में हिमाचल की विभा शर्मा और शीतल शर्मा को मिला सम्मान
चंडीगढ़ में आयोजित प्रतिष्ठित ज्योतिष प्रांगण सम्मेलन में देशभर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों ने भाग लिया। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों से आए विद्वानों ने ज्योतिष विज्ञान के महत्व और इसकी वर्तमान स्थिति पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश की ज्योतिषाचार्य विभा शर्मा और शीतल शर्मा को उनके उत्कृष्ट योगदान और गहन ज्योतिषीय ज्ञान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मेलन में शारदा ज्योतिष निकेतन जोगिंद्रनगर के निदेशक कैप्टन पंडित लेखराज शर्मा भी शामिल हुए। उन्होंने इस मंच से वर्तमान समय में ज्योतिष विद्या के साथ हो रहे अनावश्यक व्यवसायीकरण पर गहरी चिंता व्यक्त की।
ज्योतिष का व्यवसायीकरण चिंता का विषय – पंडित लेखराज शर्मा
कैप्टन पंडित लेखराज शर्मा ने कार्यक्रम में कहा कि वर्तमान समय में ज्योतिष को एक व्यवसाय बना दिया गया है, जिससे इस प्राचीन विज्ञान के प्रति आम जनता का विश्वास कम होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोग केवल नाम के आगे "शास्त्री," "आचार्य" या "डॉ" जैसे उपाधियां जोड़कर खुद को विशेषज्ञ बताने लगे हैं, जबकि उनके पास ज्योतिष का गहरा ज्ञान नहीं होता। इससे आमजन भ्रमित होते हैं और वास्तविक ज्योतिष विद्वानों की छवि भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि ज्योतिष एक गूढ़ विज्ञान है, जिसे वर्षों के अध्ययन और अनुभव के बाद ही समझा जा सकता है। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से कई लोग बिना उचित ज्ञान के ज्योतिष के नाम पर गलत जानकारियां फैला रहे हैं, जो समाज के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने इस पर जोर दिया कि केवल योग्य और प्रमाणित ज्योतिषाचार्यों को ही इस क्षेत्र में काम करना चाहिए, ताकि इस विद्या की गरिमा बनी रहे।
हिमाचल की ज्योतिषाचार्य विभा शर्मा और शीतल शर्मा को मिला सम्मान
इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश की प्रख्यात ज्योतिषाचार्य विभा शर्मा और शीतल शर्मा को ज्योतिष प्रांगण संस्था द्वारा विशेष सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान उन्हें उनके वर्षों के शोध, विश्लेषण और ज्योतिष के प्रति निष्ठा के लिए दिया गया। सम्मान समारोह के दौरान ज्योतिष प्रांगण संस्था की अध्यक्षा पूनम शर्मा ने कहा कि विभा शर्मा और शीतल शर्मा जैसी विद्वान महिलाएं ज्योतिष के क्षेत्र में नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। उन्होंने कहा कि इनका योगदान ज्योतिष के प्रति जनसामान्य के विश्वास को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
सम्मेलन में हुई विस्तृत चर्चा
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न ज्योतिषाचार्यों ने अपने-अपने मत रखे और बताया कि कैसे ज्योतिष केवल भविष्यवाणी का साधन नहीं, बल्कि एक गंभीर गणितीय और खगोलीय विज्ञान है, जिसे गहराई से समझने की आवश्यकता है।
सम्मेलन में भाग लेने वाले अन्य प्रमुख विद्वानों ने भी इस बात पर सहमति जताई कि ज्योतिष को व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि समाज की भलाई और मार्गदर्शन के लिए उपयोग किया जाना चाहिए।
समारोह का हुआ भव्य समापन
सम्मेलन के समापन पर सभी विद्वानों ने इस बात पर जोर दिया कि ज्योतिष को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए और इसे गलत हाथों में जाने से रोका जाए। कैप्टन पंडित लेखराज शर्मा ने अंत में सभी सम्मानित ज्योतिषाचार्यों को बधाई दी और कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन समाज में वास्तविक और योग्य ज्योतिषाचार्यों को आगे लाने का कार्य करते हैं। उन्होंने आयोजकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से ही ज्योतिष की शुद्धता और महत्व को बनाए रखा जा सकता है।












