चिट्टा और मोबाइल की लत: भविष्य के लिए बड़ा खतरा
जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा करसोग में जागरूकता कैंप में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मंडी एनआर ठाकुर ने कहा कि नशा समाज को खोखला कर रहा है। नौजवान पीढ़ी नशे की चपेट में मौत के मुहाने में खड़ी है। चिट्टा मीठा जहर बनकर बच्चों की जिंदगियों पर कहर बरपा रहा है। अब जंग नशा माफिया और सप्लायरों के खिलाफ होनी चाहिए न कि उन बच्चों के खिलाफ जो गलती से इसकी चपेट में आ गए है। बच्चों को नशे के मकड़जाल से बचाने के लिए प्यार, प्रेम, देखभाल, ठीक इलाज और स्टीक मनोचिकित्सीय काउंसलिंग की जरूरत है। मारने, डांटने, जलील करने और शर्मिंदगी का एहसास दिलाने से बच्चा सुधरेगा नहीं बल्कि ज़िद्दी व हठी बनकर हालात को और बिगड़ेगा। ठाकुर ने कहा कि हर परिवार प्रण लेकर इस रण को लड़े। नशे के विरुद्ध ये एक युद्ध है जिसे सरकार, प्रशासन और समुदाय मिलकर लड़ सकते है। ठाकुर ने इस मौके पर बाल मजदूरी, बाल विवाह, बाल भिक्षावृत्ति और बाल शोषण जैसी सामाजिक बुराइयों पर भी चोट की तथा जनमानस से इसे खत्म करने के लिए सहयोग का आह्वान किया। संरक्षण अधिकारी शैलजा अवस्थी और प्रोबेशन ऑफिसर रमा कुमारी ने प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना, मिशन वात्सल्य, बाल यौन उत्पीड़न और पॉक्सो अधिनियम के प्रत्येक पहलू की बड़ी बारीकी से जानकारी दी। हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति के राज्य सचिव सत्यवान पुंडीर, मंडी जन विकास एवं साक्षरता समिति के खंड प्रभारी सेवक राम,खंड समन्वयक ज्ञान वर्मा और पूर्व स्वास्थ्य सुपरवाइजर राजेंद्र शर्मा ने भी प्रतिभागियों को नशे के कारणों, बचाव के तरीकों और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने को कहा।












