सलापड़ स्कूल की दुर्दशा सुधारे बीबीएमबी प्रबंधन अन्यता करेंगे संघर्ष: चमन राही
राजकीय बीएसएल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सलापड़ मंडी के हाल बेहाल हैं। यहां फैली अव्यवस्था से न केवल खस्ताहाल स्कूल भवन बल्कि शौचालय, मैदान से लेकर दरवाजों तक सब फटेहाल हैं। गौर हो कि इस स्कूल की सब व्यवस्था भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड डैहर विद्युत गृह परिमंडल सलापड़ अधीक्षण अभियंता द्वारा की जाती है। अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित अभिभावकों ने हिमाचल सरकार व बीबीएमबी प्रबंधन से सुधार की गुहार लगाई है। इसको लेकर अखिल भारतीय दलित पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग परिषद हिमाचल प्रदेश के महासचिव एवं राज्य प्रवक्ता चमन राही के नेतृत्व में परिषद के जिलाध्यक्ष चंद्रवीर कागरा व अल्पसंख्यक समाज के प्रदेश संयोजक सन्नी इपन ने स्कूल परिसर का दौरा करने के उपरांत भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड डैहर विद्युत गृह परिमंडल सलापड़ के अधीक्षण अभियंता ईं. विकास शर्मा को ज्ञापन सौंप बैठक की। चमन राही ने बताया कि स्कूल भवन की ऊपरी मंजिल की छत्त पूरी तरह खस्ताहाल है, जिस कारण बच्चों के सिर पर मटेरियल गिर सकता है। स्कूल भवन के दरवाजे भी टूटे हुए हैं, जिस कारण बंदर भवन के अंदर आकर उत्पात मचाते हैं। शौचालय के बाहर बना गड्ढा बच्चों की राह में रोडा बनता है। ग्राउंड की रैलिंग जगह जगह से टूटी हुई हैं, जिस कारण कोई भी बच्चा नीचे गिर सकता है और बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं बरसात के दिनों में पानी ग्राउंड में भर जाता है। टूटी हुई खिड़कियों से जीव जन्तु व सांप घुसने की चिंता बनी रहती है। लड़कों के शौचालय में सीटें और पानी के नल टूटे हुए हैं। इसके साथ ही पेयजल टैंक की हालत बुरी तरह प्रदूषित है, जिस कारण बच्चों में बीमारियां लगने की संभावना बनी रहती है।
चमन राही ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मांग की है कि सलापड़ कॉलोनी के साथ लगती आधा दर्जन गांवों गरीब घर के बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं, जबकि निजी स्कूलों में सीबीएसई के लिए हजारों रुपए खर्च करने पड़ते हैं। चमन राही ने आशंका जाहिर की कि यह षड्यंत्र भी हो सकता है कि इस स्कूल में बच्चों के दाखिले न हों। जबकि बीबीएमबी प्रबंधन ने सुंदरनगर में मार्डन स्कूल चलाया है। उसी तर्ज पर इस स्कूल का भी सुधार हो, इस स्कूल में एक दर्जन के लगभग पोस्टें स्वीकृत हैं, तो मुख्यमंत्री वहां डेपुटेशन पर अध्यापक भेजें। इनका वेतन बीबीएमबी प्रबंधन ही वहन करता है।












