हिमाचल में पंचायत चुनाव के नियम सख्त: परिवार में अवैध कब्जा तो बहू भी नहीं लड़ पाएगी चुनाव
शिमला: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों से ठीक पहले एक ऐसा कानूनी कदम उठाया गया है, जिसने न सिर्फ सियासी हलकों में हलचल मचा दी है, बल्कि गांव-गांव में इसकी चर्चा तेज कर दी है। अब तक अवैध कब्जों को व्यक्तिगत स्तर पर देखा जाता था, लेकिन बदलते नियमों ने इसे पूरे परिवार की कानूनी छवि का मामला बना दिया है।
दरअसल, हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 122 पहले से ही उम्मीदवारों की योग्यता तय करने में अहम भूमिका निभाती रही है। इस प्रावधान के तहत यदि किसी उम्मीदवार या उसके परिवार जैसे माता-पिता, दादा-दादी व पुत्र नाम पर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण दर्ज होता है, तो उसका सीधा असर उम्मीदवार की पात्रता पर पड़ता है। यानी एक सदस्य की गलती पूरे परिवार के राजनीतिक भविष्य पर भारी पड़ सकती है।
इसी कड़ी में अब हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (संशोधन) अध्यादेश 2026 के जरिए नियमों को और सख्त कर दिया गया है। पहले जहां यह दायरा पुत्र तक सीमित था, वहीं अब इसमें “पुत्रवधू” को भी शामिल कर लिया गया है। यानी परिवार में इन सदस्यों के नाम पर अवैध कब्जा होने पर अब बहू भी चुनाव नहीं लड़ पाएगी।
वहीं, इस बदलाव का समय भी काफी अहम माना जा रहा है। पंचायत चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया 7 मई से शुरू होने जा रही है और उससे ठीक एक दिन पहले इस संशोधन को लागू कर दिया गया। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि सरकार चुनावी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कानूनी ढिलाई नहीं चाहती।
आज से नामांकन प्रक्रिया शुरू
हिमाचल में पंचायती राज संस्थाओं के सामान्य चुनाव के लिए आज से नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रदेश में 7, 8 और 11 मई को चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार इन तीन दिनों में 11 से 3 बजे तक नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। इसके बाद 12 मई को 10 बजे से नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी।
वहीं, 14 और 15 मई को उम्मीदवार 10 से 3 बजे से पहले नाम वापस ले सकते हैं। इस तरह से नामांकन पत्रों की वापसी के बाद चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची तैयार कर चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। मतदान केंद्रों की सूची 7 मई या इससे पहले प्रकाशित की जाएगी।
वहीं, 26 मई को पहले चरण, 28 मई को दूसरे चरण और 30 मई को तीसरे चरण के लिए मतदान होगा। वहीं, ग्राम पंचायत से संबंधित मतपत्रों की गणना मतदान समाप्ति के तुरंत बाद ग्राम पंचायत मुख्यालय पर की जाएगी। पंचायत समिति व जिला परिषद् के मतों की गणना 31 मई को सुबह 9 बजे से विकास खंड मुख्यालय पर की जाएगी।






