भारतीय सेना के सम्मान में जोगिंद्रनगर में निकाली गई ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा
भारतीय सेना द्वारा हाल ही में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों को उनके ठिकानों में घुसकर मार गिराने की कार्रवाई ने देशभर में सेना के प्रति सम्मान और गर्व की भावना को और प्रबल किया है। इसी क्रम में गुरुवार को जोगिंद्रनगर शहर में सेना के सम्मान में एक भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यह आयोजन देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत रहा और शहर “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा।
तिरंगा यात्रा का आयोजन स्थानीय सामाजिक संगठनों द्वारा किया गया, जिसमें सभी वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सामाजिक, राजनैतिक, शैक्षणिक, व्यापारिक, धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ महिला मंडलों, युवक मंडलों, पूर्व सैनिकों और बड़ी संख्या में आम जनता की भागीदारी ने आयोजन को विशेष बना दिया।
विशेष रूप से व्यापार मंडल जोगिंद्रनगर के सभी सदस्य, पूर्व सैनिक लीग इकाई जोगिंद्रनगर के सदस्य, दयानंद भारतीय पब्लिक स्कूल और सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल के बच्चों की भागीदारी उल्लेखनीय रही। स्कूली बच्चों ने हाथों में तिरंगे और देशभक्ति से संबंधित पोस्टर लेकर पूरे जोश के साथ यात्रा में भाग लिया।
तिरंगा यात्रा की शुरुआत सनातन धर्म सभा मंदिर से हुई। यह यात्रा बस अड्डा, गुगली खड्ड, साईं मार्केट से होती हुई गांधी वाटिका पहुंची। यात्रा मार्ग पर देशभक्ति के नारे जैसे “भारतीय सेना जिंदाबाद”, “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “पाकिस्तान मुर्दाबाद” गूंजते रहे।
गांधी वाटिका में यात्रा का समापन हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने एक स्वर में भारत माता को नमन किया और भारतीय सेना के पराक्रम को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
पूर्व सैनिकों ने इस अवसर पर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने एक बार फिर यह साबित किया है कि भारतीय सेना देश की सुरक्षा के लिए हर चुनौती का सामना करने को तैयार है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें भी देश सेवा के लिए आगे आना चाहिए।
यह तिरंगा यात्रा न केवल भारतीय सेना के पराक्रम को सम्मानित करने का अवसर थी, बल्कि इसने आम नागरिकों, खासकर युवाओं और बच्चों में राष्ट्रभक्ति की भावना को जाग्रत किया। यह आयोजन जोगिंद्रनगर के इतिहास में एक प्रेरणास्पद अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।












