प्रदेश के सबसे बड़े एफ़पीओ धर्मपुर ने आयोजित किया वार्षिक अधिवेशन
भारत सरकार की दस हजार एफपीओ गठित करने की योजना के तहत गठित एफपीओ का तीसरा वार्षिक अधिवेशन अंबेडकर भवन सजाओपीपलू में आयोजित किया गया।जिसकी अध्यक्षता सुरेश पठानिया, सत्तपाल चौहान और रजनी सकलानी ने की, जिसमें एनसीडीसी शिमला के रीजनल डॉयरेक्टर भूपेंद्रा मंडावी ने बतौर मुख्यातिथि भाग लिया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि एनसीडीसी ने एफपीओ के लिए 15 लाख रुपए की लागत से हल्दी पाउडर बनाने का प्रोसेसिंग सेंटर स्वीकृत कर दिया है और जल्दी ही ये यूनिट यहां स्थापित हो जाएगा। उन्होंने एफपीओ धर्मपुर को दो साल में जो उपलब्धि हासिल हुई है वो सराहनीय है। नाबार्ड के अधिकारी शिमला के डॉ. गौरवदीप, खाड्य विशेषज्ञ डॉ. हरदयालसिंह गुलेरिया, प्रो. किशोर खोसला, जोगिंद्र वालिया, ब्रिजलाल शर्मा इत्यादि ने बतौर स्रोत व्यक्ति भाग लिया।एफ़पीओ के उपाध्यक्ष रणताज राणा नेअतिथियों सबका स्वागत किया। सचिव भूपेंद्र सिंह ने वार्षिक रिपोर्ट पेश की जिसमें बताया गया है प्रथम वर्ष में एफपीओ के सदस्य 103 दूसरे साल में 552 और तीसरे साल में 1537 हो गए हैं जिनमें 677 महिलाएं हैं। इस वित्त वर्ष के पहले महीने में 200 और शेयरहोल्डर्स बन गए हैं और अब तक कुल 1700 शेयर होल्डर बन गए हैं जो हिमाचल प्रदेश में किसी भी एफपीओ में सबसे ज्यादा संख्या है।इसके अलावा एफ़पीओ ने छह महिला एग्रो प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित करके उन्हें खड्य सुरक्षा क़ानून के तहत एफएसएसएआई लाइसेंस प्राप्त करके आये प्रदायक गतिविधियों के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया है और इन सेंटरों ने 15 लाख रुपए से अधिक का कारोबार किया है जिनमें सौ से ज़्यादा महिलाओं को आजिविका कमाने का अवसर मिला है।वार्षिक रिपोर्ट में बताया गया कि गत साल एफपीओ ने 26 लाख रुपए का कारोवार किया है जिसमें 1.31 लाख का प्रॉफ़िट हुआ है।एफपीओ को भारत सरकार से अब तक 11.95 लाख रुपये की वित्तिय सहायता प्राप्त हुई है और इस वर्ष के अंत तक कुल 18 लाख की सहायता मिलेगी।एफ़पीओ ने मोटे अनाज और हल्दी का उत्पादन और उसकी खड्य सामग्री बनाने तथा वर्मी कम्पोस्ट केंचुआ खाद निर्मित करने का कार्य भी प्रारम्भ किया है।एफ़पीओ के सीईओ एवं कार्य समिति के अध्यक्ष सत्तपाल सिंह चौहान ने कहा कि जल्दी ही हल्दी प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित कर दिया जाएगा और इस साल 60 लाख रुपए का कारोबार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसके लिए सामग्री की पैकिंग और मॉर्केटिंग कि गुणवत्ता सुधारने पर विशेष ध्यान दिया जायेगा खाद्यय ।विशेषज्ञ डॉ हरदयाल गुलेरिया ने बताया कि जो महिला एग्रो प्रोसेसिंग सेंटर पंजीकृत हुए हैं उन्हें इस साल स्थानीय फ़लों व वनस्पतियों से बनने वाले उत्पादों को योजना बनाकर तैयार करने के लिए प्राशिक्षण दिया जायेगा और उनके माध्य्म से पचास लाख रुपये का कारोबार सुनिश्चित किया जायेगा।कृषि वैज्ञानिक डॉ कुलदीप गुलेरिया ने जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए एफ़पीओ द्धारा तैयार की जा रही केंचुआ खाद के इस्तेमाल करने पर जोर दिया।नाबार्ड के अधिकारी गौरव दीप ने स्फूर्ति योजना के तहत ग्रामीण स्तर पर समूह बनाकर आय प्रदायक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली योजना बारे जानकारी प्रदान की और उद्योग विभाग की सोनाक्षी ने लघु उद्योग लगाने बारे जानकारी प्रदान की। जोगिंदर वालिया ने एफ़पीओ फेडरेशन बना कर मॉर्केटिंग करने बारे जानकारी दी। वार्षिक साधारण सभा बैठक में तीन सौ शेयरहोल्डर्स ने भाग लिया।












